ए ज माणस आयनो ज्यारे धरी जाय छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ए ज माणस आयनो ज्यारे धरी जाय छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ए ज माणस आयनो ज्यारे धरी जाय छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia  ए ज माणस आयनो ज्यारे धरी जाय छे जे नजर सामे रहीने छेतरी जाय छे ...
Read More
ऍक कारणथी अही अळखामणॉ सौनो बन्यो छुं  Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

ऍक कारणथी अही अळखामणॉ सौनो बन्यो छुं Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

ऍक कारणथी अही अळखामणॉ सौनो बन्यो छुं  Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia ऍक कारणथी अही अळखामणॉ सौनो बन्यो छुं          साचुं बोलीने व...
Read More
ज्या सुधी तुं प्रेम करशे त्या सुधी तकरार छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ज्या सुधी तुं प्रेम करशे त्या सुधी तकरार छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ज्या सुधी तुं प्रेम करशे त्या सुधी तकरार छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia ज्या सुधी तुं प्रेम करशे त्या सुधी तकरार छे रोफ धारक ...
Read More
वेरान आतमने तमे शणगारवा एक तक दो Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

वेरान आतमने तमे शणगारवा एक तक दो Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

वेरान आतमने तमे शणगारवा एक तक दो Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia वेरान आतमने तमे शणगारवा एक तक दो दरियाने मनगमती नदीने चाहवां एक ...
Read More
हमारे पास आने की तुम्हें फुरसत नहीं हैं ! Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

हमारे पास आने की तुम्हें फुरसत नहीं हैं ! Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

हमारे पास आने की तुम्हें फुरसत नहीं हैं ! Hindi Muktak By Naresh K. Dodia हमारे पास आने की तुम्हें फुरसत नहीं हैं ! चलो अच्छा हैं ते...
Read More
तुझे ही सोचते हैं जब तुम्हारी याद आती हैं  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

तुझे ही सोचते हैं जब तुम्हारी याद आती हैं Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

तुझे ही सोचते हैं जब तुम्हारी याद आती हैं  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia तुझे ही सोचते हैं जब तुम्हारी याद आती हैं  अकेली तुम हो ज...
Read More
रणने जे जोइए,ए रोज वाछट आवे नही Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

रणने जे जोइए,ए रोज वाछट आवे नही Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

रणने जे जोइए,ए रोज वाछट आवे नही Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia रणने जे जोइए,ए रोज वाछट आवे नही प्रेम तारो एटले तो मुजने माफक आवे...
Read More
अगर चलना नहीं होता हसीनो में फिसल जाते  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

अगर चलना नहीं होता हसीनो में फिसल जाते Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

अगर चलना नहीं होता हसीनो में फिसल जाते  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia बदलते वक्त में मुमकिन है की हम भी बदल जाते  तुम्हारी ख़ुशी क...
Read More