मंजिल हमारी आप हो तो बस मुझे चलना हैं Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

मंजिल हमारी आप हो तो बस मुझे चलना हैं Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

मंजिल हमारी आप हो तो बस मुझे चलना हैं Hindi Gazal By Naresh K. Dodia मंजिल हमारी आप हो तो बस मुझे चलना हैं  मुश्किल भले ये राह हो तो...
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रगरगमां तारा नामनी आलबेल छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

रगरगमां तारा नामनी आलबेल छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

रगरगमां तारा नामनी आलबेल छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia रगरगमां तारा नामनी आलबेल छे तुं आव, ईश्वरनो रचेलो आ खेल छे तुं गोठव...
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एक बंजारे सी मेरी कहानी है HINDI Muktak By Naresh K. Dodia

एक बंजारे सी मेरी कहानी है HINDI Muktak By Naresh K. Dodia

एक बंजारे सी मेरी कहानी है HINDI Muktak By Naresh K. Dodia एक बंजारे सी मेरी कहानी है दिल में तेरे एक बस्ती बसानी हैं सोच मत तुं म...
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तारा एकान्तना अरण्यवासमांथी Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

तारा एकान्तना अरण्यवासमांथी Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

तारा एकान्तना अरण्यवासमांथी Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia तारा एकान्तना अरण्यवासमांथी तुं ज्यारे बहार आवे त्यारे त्यां ...
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कोइ भी किरदार हो हम बा-खुबी निभाते गए, Hindi Muktak by Naresh K. Dodia

कोइ भी किरदार हो हम बा-खुबी निभाते गए, Hindi Muktak by Naresh K. Dodia

कोइ भी किरदार हो हम बा-खुबी निभाते गए, Hindi Muktak by Naresh K. Dodia कोइ भी किरदार हो हम बा-खुबी निभाते गए, इस तरह की नौटंकी कर के...
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जाहेरमां कवितां ठपकारवी ए जाहेर जनतां माटे हानिकारक छे  Gujarati Article By Naresh K. Dodia

जाहेरमां कवितां ठपकारवी ए जाहेर जनतां माटे हानिकारक छे Gujarati Article By Naresh K. Dodia

जाहेरमां कवितां ठपकारवी ए जाहेर जनतां माटे हानिकारक छे  Gujarati Article By Naresh K. Dodia જાહેરમાં કવિતા ઠપકારવી જાહેર જનતા માટે હાન...
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कलापी नो केकारव -  Gujarati Article By Naresh K. Dodia

कलापी नो केकारव - Gujarati Article By Naresh K. Dodia

कलापी नो केकारव -  Gujarati Article By Naresh K. Dodia કવિતાઓમાં એક સમયે ન્હાનાલાલની ડોલનશૈલી પ્રચલિત હતી.શબ્દોનાં અપ્રિતમ સંયોજનથી કવ...
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मेरे पास तुझे देने के लिए कुछ भी नहीं था Hindi kavita by Naresh K. Dodia

मेरे पास तुझे देने के लिए कुछ भी नहीं था Hindi kavita by Naresh K. Dodia

मेरे पास तुझे देने के लिए कुछ भी नहीं था Hindi kavita by Naresh K. Dodia मेरे पास तुझे  देने के लिए कुछ  भी नहीं था  हा लेकिन ऐक...
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