ओढी उदासी आ विजोगण आंख हुं देखाडी शकतो नथी  Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ओढी उदासी आ विजोगण आंख हुं देखाडी शकतो नथी Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ओढी उदासी आ विजोगण आंख हुं देखाडी शकतो नथी  Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia    ओढी उदासी आ विजोगण आंख हुं देखाडी शकतो नथी      पी...
Read More
ए रकमनो मात्र सरवाळॉ ज करता जाणे छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ए रकमनो मात्र सरवाळॉ ज करता जाणे छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ए रकमनो मात्र सरवाळॉ ज करता जाणे छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia ए रकमनो मात्र सरवाळॉ ज करता जाणे छे जिंदगीनी मौज-मस्ती ए कसरम...
Read More
में खुद से भी आंखे मिला शकतां नही Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

में खुद से भी आंखे मिला शकतां नही Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

में खुद से भी आंखे मिला शकतां नही Hindi Muktak By Naresh K. Dodia में खुद से भी आंखे मिला शकतां नही जब इश्क में तुं भी गिला करतां नह...
Read More
वो सदा-ए-गेब सी लगती थी उस की आंख भी Hindi Sher By Naresh K. Dodia

वो सदा-ए-गेब सी लगती थी उस की आंख भी Hindi Sher By Naresh K. Dodia

वो सदा-ए-गेब सी लगती थी उस की आंख भी Hindi Sher By Naresh K. Dodia वो सदा-ए-गेब सी लगती थी उस की आंख भी आंख मिलते ही सुफी बन के मुझे...
Read More
एक शायर प्रेमना नामे घणुं लखतो गयो Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

एक शायर प्रेमना नामे घणुं लखतो गयो Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

एक शायर प्रेमना नामे घणुं लखतो गयो Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia एक शायर प्रेमना नामे घणुं लखतो गयो रोज मारी आंखमां शमणा नवा भरत...
Read More
स्वादनी माफक मने तुं ममळावजे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

स्वादनी माफक मने तुं ममळावजे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

स्वादनी माफक मने तुं ममळावजे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia स्वादनी माफक मने तुं ममळावजे लागुं कडवो तो तुं गुणकारी मानजे मनसुफ...
Read More
एक बाळकना ह्रदयनी वात जाणे जाणवानी होय छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

एक बाळकना ह्रदयनी वात जाणे जाणवानी होय छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

एक बाळकना ह्रदयनी वात जाणे जाणवानी होय छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia एक बाळकना ह्रदयनी वात जाणे जाणवानी होय छे ए ज समजण आपणा...
Read More
जिंदगी-भर एकलाथी कांइ जीवातुं नथी Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

जिंदगी-भर एकलाथी कांइ जीवातुं नथी Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

जिंदगी-भर एकलाथी कांइ जीवातुं नथी Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia जिंदगी-भर एकलाथी कांइ जीवातुं नथी एकले हाथे जीवननुं युध्ध जीतातु...
Read More