कवोलिटी टाइम Hindi Kavita By Naresh K. Dodia

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कवोलिटी टाइम Hindi Kavita By Naresh K. Dodia कवोलिटी टाइम ----------- हम दोनो अकसर मिलते है लेकिन जब मिलते है तब  एक तरफ प्यास...
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ये जहन से याद अब निकल रही हैं  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

ये जहन से याद अब निकल रही हैं Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

ये जहन से याद अब निकल रही हैं  Hindi Muktak By Naresh K. Dodia ये जहन से याद अब निकल रही हैं  इश्क़ की कमजोर शाखा जल रही है  कोई द...
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एक इश्वरनी गरज क्यारे पडे कोने खबर छे? Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

एक इश्वरनी गरज क्यारे पडे कोने खबर छे? Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

एक इश्वरनी गरज क्यारे पडे कोने खबर छे? Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia एक इश्वरनी गरज क्यारे पडे कोने खबर छे? कोइए जोयो नथी तोये स...
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साथमां रहेती नथी पण दिलमां ए छूपाववानी होय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

साथमां रहेती नथी पण दिलमां ए छूपाववानी होय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

साथमां रहेती नथी पण दिलमां ए छूपाववानी होय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia साथमां रहेती नथी पण दिलमां ए छूपाववानी होय छे एक जणन...
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एक पुरुषनी आंखो स्त्री पर खोडाय जाय छे त्यारे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

एक पुरुषनी आंखो स्त्री पर खोडाय जाय छे त्यारे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

एक पुरुषनी आंखो स्त्री पर खोडाय जाय छे त्यारे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia एक पुरुषनी आंखो स्त्री पर खोडाय जाय छे त्यारे स्त्र...
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शांत एकांते आ मन यादोनुं पादर थाय छे  Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

शांत एकांते आ मन यादोनुं पादर थाय छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

शांत एकांते आ मन यादोनुं पादर थाय छे  Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia               शांत एकांते आ मन यादोनुं पादर थाय छे           ...
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मारा उपर तो जीव पाथरनारनी कमी नथी Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

मारा उपर तो जीव पाथरनारनी कमी नथी Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

मारा उपर तो जीव पाथरनारनी कमी नथी Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia मारा उपर तो जीव पाथरनारनी कमी नथी तेथी ज तो मारा नयनमां जोइ ले न...
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जलती दोपहरी हो,ठंडी के दिन हो या,जालिम बरसात हो Hindi Kavita By Naresh K. Dodia

जलती दोपहरी हो,ठंडी के दिन हो या,जालिम बरसात हो Hindi Kavita By Naresh K. Dodia

जलती दोपहरी हो,ठंडी के दिन हो या,जालिम बरसात हो Hindi Kavita By Naresh K. Dodia जलती दोपहरी हो,ठंडी के दिन हो या,जालिम बरसात हो नही ...
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