ऋतुंराणी जेम तारा रूपनी मौसम मलकती जाय छे  Gujarati Sher By Naresh K. Dodia

ऋतुंराणी जेम तारा रूपनी मौसम मलकती जाय छे Gujarati Sher By Naresh K. Dodia

ऋतुंराणी जेम तारा रूपनी मौसम मलकती जाय छे  Gujarati Sher By Naresh K. Dodia      ऋतुंराणी जेम तारा रूपनी मौसम मलकती जाय छे        पग...
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आजे मारो सरेलो पालव भीनो थइने Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

आजे मारो सरेलो पालव भीनो थइने Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

आजे मारो सरेलो पालव भीनो थइने Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia आजे मारो सरेलो पालव भीनो थइने हवामा एक अजाण्या बोजथी लहेराता डरे छे...
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वृक्ष जे लोको जीवनमां वावे नहीं Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

वृक्ष जे लोको जीवनमां वावे नहीं Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

वृक्ष जे लोको जीवनमां वावे नहीं Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia वृक्ष जे लोको जीवनमां वावे नहीं ए विकसवानी कलामां फावे नहीं रो...
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द्रश्यनी भरमार मारी आंखमां लागी पडी छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

द्रश्यनी भरमार मारी आंखमां लागी पडी छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

द्रश्यनी भरमार मारी आंखमां लागी पडी छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia द्रश्यनी भरमार मारी आंखमां लागी पडी छे कोइनी साथे वितावेली...
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आपणा संबधनी दुनिया हवे बहु नानी बनती जाय छे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

आपणा संबधनी दुनिया हवे बहु नानी बनती जाय छे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

आपणा संबधनी दुनिया हवे बहु नानी बनती जाय छे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia आपणा संबधनी दुनिया हवे बहु नानी बनती जाय छे सवारे भ...
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ए अरज छे के हुकम,कइ परखाय नहिं Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ए अरज छे के हुकम,कइ परखाय नहिं Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

ए अरज छे के हुकम,कइ परखाय नहिं Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia ए अरज छे के हुकम,कइ परय नहिं प्रेम छे के ए रमत कंइ समजाय नहिं     ...
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तारी झंखनाओनुं विशाळ आकाश जोइ हुं दंग छुं Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

तारी झंखनाओनुं विशाळ आकाश जोइ हुं दंग छुं Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

तारी झंखनाओनुं विशाळ आकाश जोइ हुं दंग छुं Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia तारी झंखनाओनुं विशाळ आकाश जोइ हुं दंग छुं जाणे एवुं...
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एक कलाकथी वधारे एकधारी वातोनो अंत लावता एने कह्यु Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

एक कलाकथी वधारे एकधारी वातोनो अंत लावता एने कह्यु Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

एक कलाकथी वधारे एकधारी वातोनो अंत लावता एने कह्यु Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia एक कलाकथी वधारे एकधारी वातोनो अंत लावता एने कह्...
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