मैने आज तक उन लम्हो की सफर नही की है Hindi Kavita

Maine Aaj Tak Un Lamho Ki Safar Nahi Ki Hai Hindi Kavita
मैने आज तक उन लम्हो की सफर नही की है
जिसे लोग कहते है के किसी के साथे दो पल 
बिताने से जन्नत की कमी पूरी हो जाती है
और एक उस खूबसूरत साथी की एक मुश्कान से
सब कुछ सही हो जाता है
मुजे आज ये अहेसास हुवा की बोही लम्हे जो
महोतरमां,तेरे साथे गुझारे है वोह मै गुझारनां चाहतां हुं
-नरेश के.डॉडीया
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