Saat Kotha Lagni Na Par Karva Thi Ae Male Gazal By Naresh K. Dodia

Saat Kotha Lagni Na Par Karva Thi Ae Male Gazal By Naresh K. Dodia

सात कोठा लागणीना पार करवाथी ए मळे
शब्दना उंडा महासागरमा डुबवाथी ए मळे

पास आवे छे मुसीबत यादना नामे आंखमां
रातना सपनाओना रण रोज वटवाथी ए मळे

प्यार साथे जो अपेक्षा होय तो एनी छे मजा
मांगणीमां लागणीनां रग चडवाथी ए मळे

एकलोता प्यारनी वारस बनी छे ए ज्यारथी
आंखमां एकांतनो अग्नि प्रगटवाथी ए मळे

कोइ सुंदरने सुंगंधी श्वासमा जे हिलचाल छे
सात दरियापारनी खूश्बू रगडवाथी ए मळे

मेघधनु आकारमां लेटी हशे पाथरणामा ए
कोइ यक्ष कन्याना कल्पनमा भमवाथी ए मळे

आयखानुं आ तरसनुं रण सतत वधतुं जाय छे
यादनी पाछोतरी मौसमने छळवाथी ए मळे

आ महोतरमाए एवो जादु मारा पर शुं कर्यो
जे पळे छूट्टी पडी ए पळ समरवाथी ए मळे
-नरेश के.डॉडीया
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