Sambandh Nu Pan Avu J che. Gujarati Kavita




Sambandh Nu Pan Avu J che Gujarati Kavita


बाळक लकवाग्रस्त होय
खोडखांपण वाळुं होय
बधीर अथवा मुंगु होय
पण एनी माताने वहालु होय
एनी मावजत करवामां जरा पण
कचाश राखती नथी 
अने मातानां धैर्य अने समयनी
बरोबरनी कसोटी थाय छे
संबंधनुं पण कैक आवु ज छे
एक मातानी जेम मावजत
करवी पडे छे
-नरेश के. डोडीया

Advertisement