EK Taro Khayal Mane Kya Ne Kya Lai Jai Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

EK Taro Khayal Mane Kya Ne Kya Lai Jai Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
EK Taro Khayal Mane Kya Ne Kya Lai Jai Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
एक तारो ख्याल क्यांने कयां मने लइं जाय छे
ज्यां मुलाकातो थती ए स्थळनां दर्शन थाय छे

सांज पडतां ज्यां स्मरण पंखी सतत गाता हतां
त्यां भूतावळ मौननी चारे तरफ अथडाय छे

आखरी दर्शन तुं आपी आंख सामेथी गई
मननां मंदिरमां छबी तारी सतत पूजाय छे

एकलोती यादमा जीवन विते कइ रीतथी?
शब्द मारा गीतथी लइ काव्य तारा गाय छे

सत्यथी अळगा थवानी पण मजा माणे धणां
मानवीनी जात साची शब्दमां संताय छे

प्यारमा कमजोर हुं क्याथी तने साबित करुं?
भूल जीवनमां करीने बेउने पस्ताय छे

काचना चोरस अरीसांमां सतत जोया पछी
खुदना ज्यां आकारने बदली जतां देखाय छे

ए ज कारणसर “महोतरमां” सदा मलकाइ छे
प्रेमनां नामे अहम एनो अहीं सचवाय छे
-नरेश के.डॉडीयां
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