Eva Vichgar Ma J Vite Che Safar Ni Sanj Gujarati Gazal By Dr. Ashok Chavda

Eva Vichgar Ma J Vite Che Safar Ni Sanj Gujarati Gazal By Dr. Ashok Chavda
Eva Vichgar Ma J Vite Che Safar Ni Sanj Gujarati Gazal By Dr. Ashok Chavda
एवा विचारमां ज वीते छे सफरनी सांज;
केवी रीते सदी गई तारा वगरनी सांज ?

दिवसो जतां फरी वळी चोपास शून्यता,
प्हेलां हती भरी भरी ताजी कबरनी सांज.

तुं आ तरफ शुं काम आवे छे हे जिंदगी,
छे लोहियाळ कैंक जखमोथी नगरनी सांज.

खाराश एटले ज तो हिस्सो छे आंखनो,
रस्तामां क्यांक आथमी मारी नजरनी सांज.

खोळामां तारा आखरी श्वासो बीजुं तो शुं?
तारा ज नाम पर हती आ उम्रभरनी सांज.
- अशोक चाव
Advertisement