Hu Evu Nathi Manto Quote By Naresh K. Dodia

Hu Evu Nathi Manto Quote By Naresh K. Dodia
Hu Evu Nathi Manto Quote By Naresh K. Dodia
कहे छे के एक तरफी प्रेम हमेशां एक शायरने ज्न्म आपे छे..पण हुं आवुं मानतो नथी..एक तरफी प्रेममां कोइ माटे लखवु..अने ए पण एनां माटे जेने तमारी कदर नथी.ज्यां तमारी लागणीनुं सन्मान नथी.मारा मते एक तरफी प्रेममां आवुं करवुं एक प्रकारनी बेवकुफी सिवाइ कशुं नथी..
कारणके शायरमां खुमारी होय.लाचारी ना होय.

पण हा जे माणसने तमे प्रेम करतां हो अने ए माणस तमने पण प्रेम करतुं होय तो.एनां माटे तमाराथी शक्य होय ए तमाम करी शको छो.एनां माटे मज्बूर के लाचार बनवानो कोइ वार वखत आवे तो जे तमने चाहे छे एनां माटे मजबूर अथवा लाचार हसतां मुखे बनी जवुं जोइए. कारणके ए तमारूं दर्द,तमारी व्यथां,तमारी लागणीने समजे छे अने तमारुं सन्मान जाळवे छे.जरूर पड्ये तमारा दुखमां साथे उभा रहे छे.कारणके आपणा स्मितनुं ए मजानुं रहस्य छे.

बाकी जे व्यकितने आपणा प्रेम अने लागणीनी कदर ना होय,चाहे सात सोनानी होय के जन्नतनी हुर होय,पण ए आपणा दर्दनी किमत ना समजे तो एनां माटे एक पळ आपणी बरबाद ना करवी जोइए.
-नरेश के.डॉडीया 
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