Hu Yugoyug Ni Taras Ne Tharva Avyo Chu Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Hu Yugoyug Ni Taras Ne Tharva Avyo Chu Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Hu Yugoyug Ni Taras Ne Tharva Avyo Chu Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

हु युगो-युगनी तरसने ठारवा आव्यो छुं
हु नदीने प्रेम-भावे चाखवा आव्यो छुं

कोइ बनवा जोग घटना जेम सर्जायो छु
प्रेमनु सोपान दिलमा छापवा आव्यो छु

सौनी इच्छाओ पूरी थाती नथी दुनियामा
ते छता इच्छाथी आगळ आपवा आव्यो छु

मर्म आखी जिंदगीनो प्रेम जाणी ने हुं
भाव साथे ए भरोसो राखवा आव्यो छुं

जे तवारीखी हकीकतनी बधी वातो छे
रोज नवतर होय ए पळ माणवा आव्यो छु

लागणीनी सारणे ले,जात मारी राखी
आपना आकारमां खुद ढाळवा आव्यो छु

आ’महोतरमा’छे तो रोनक छे सधळी मारी
शब्दमा शाखा अमारी स्थापवा आव्यो छु
-नरेश के.डॉडीया
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