Jaat Mari Roj Hu Chetarto Hato Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Jaat Mari Roj Hu Chetarto Hato Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Jaat Mari Roj Hu Chetarto Hato Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
जात मारी रोज हुं छेतरतो हतो
एटले तो आयनाथी डरतो हतो

कायमी एनी कमी खळभळती रहे
शब्द देहे रोज एने अडतो हतो

तोर करती होय त्यारे गमती मने
एटले हुं तंग एने करतो हतो

कायमी मळवानु एने गमतुं हतुं
चाहनाथी रोज आगळ वधतो हतो

साव खुल्ला दिलथी ज्यारे वातो करे
प्यार साथे केफ एनो भळतो हतो

जात एनी साव भोळी लागे मने
हुं य सामे साव भोळॉ बनतो हतो

मौन ए सामे धरे तो रडमस थतो
थाळ मीठा शब्दना हुं धरतो हतो

साव बाळक जेम नखरा ज्यारे करे
साथ एमां दिलथी मारो मळतो हतो

प्रेमनो आगाझ केवो सुंदर हतो!
रोज अवसर प्रेम भावे सजतो हतो

एक समजण प्रेमनी माणसमा भळे
ए समजथी प्रेम भावे भजतो हतो

मुग्धता ज्या खास एनी ओळख हती
एक शायर ए ज भावे लखतो हतो

ए’महोतरमा’प्रथम वखते ज्यां मळी
ए ज स्थळे याद लइने फरतो हतो
-नरेश के.डॉडीया
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