Jindgi Jivi Java Ni Tutela Futela Hal Ma Gujrati Gazal By Naresh K. Dodia

Jindgi Jivi Java Ni Tutela Futela Hal Ma Gujrati Gazal By Naresh K. Dodia
Jindgi Jivi Java Ni Tutela Futela Hal Ma Gujrati Gazal By Naresh K. Dodia
जींदगी जीवी जवानी होय तूटेलां फूटेलां हालमां
कायमी एनी कमीमां जिंदगी पण डगमगे छे चालमां

सौम्यने सुंदर वदन जोइने हुं मोही पड्यो एनां उपर
ए दिवसथी काव्य गझलो एकधारा होय लयने तालमां

एक मासुम पळमां तुं ज्यारे मळी ए पळने खूशी गणी 
भाग्यने कायम चमकतुं जोउं छु झगमगता तारा भालमां

एक ओळख कायमी तारी बनी मारी गझलनां शब्दमां 
तख्त ताजो जेम तारो तल बिराजे ए रूपाळा गालमां

प्यार मांगुंने तुं तारी जात हाजर करती रहे यारा मने 
रोफ छांटुं छुं छता तुं व्हाल धरती जाय छे ततकालमां

एक माणस कायमी पाछोतरी यादोनो बोजो लइ जीवे
जे वित्युं छे ए परत आवे नही तुं शाने जीवे कालमां

एक अत्तर जेम म्हेके छे नयनमां रातनी साथे सदां 
टेरवा पण मघमधे छे,फेरवुं ज्यारे हुं एनां बालमां

ए महोतरमा चलावे मनसुफीने प्रेमनां ब्हाने रोज 
ए ज माणसनां सधीयारे जीवन हरखाइ जातुं व्हालमां 
-नरेश के.डॉडीया
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