Kyak Thi Evu Mane Sagpan Male Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Kyak Thi Evu Mane Sagpan Male Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Kyak Thi Evu Mane Sagpan Male Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
क्यांकथी एवुं मने सगपण मळे
आंखनी भाषा कळे ए जण मळे

स्वप्न संगाथे मळीने जोइए
साथमां तुं होय एवी क्षण मळे

बारमासी होय छे मारी गझल
याद तारी फूल थइ मणमण मळे

एक वादळ रोज अटके आंखमां
ने गझलमां यादनो श्रावण मळे

आंख खूली होय ने पापण ढळे
एक हसती आंखमां समजण मळे

दूरतानो कोइ मतलब पण नथी?
तुं गझलमां भाव थइ ततक्षण मळे

जीववानी मौज गांडीतूर थइ
एक दरियामां नदीनो कण मळे

एक शायरनो महिमां होय शुं?
स्मित होठे ने नयनमां रण मळे
-नरेश के.डॉडीया
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