Mara Hova Pana Ne Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

Mara Hova Pana Ne Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
Mara Hova Pana Ne Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

मारा होवापणाने 
ते प्रेमनी धखधखती आगमां बाळी नाख्यु छे
अने तारी लागणीना पंचमहाभूतमा विलिन थइ गयुं छे

पवन थंभी जशे त्यारे मारी झंखनाओ 
नवा शब्द देह धारण करवा माटे तारी लागणीना 
पंचमहाभूतनी रजकणॉ एकत्र करशे

अने तारा ह्रदयना गर्भमा उर्मि रूपे धारण करशे
अने मारो जन्म शब्द रूपे कागळ पर थशे...
अने नवा नवा स्वरूपे विकशतो रहीश

क्यारेक "महोतरमाना" काव्य 
ने क्यारेक महोतरमानी गझल 
अने एक आखी वार्ता थइने हुं पुख्त बनी जइश 
अने दरेक पाने आपणो सहियारो अंश वंचाशे

जमानानी यादगार घटनाओनुं सर्जन आपणा
बेउनां एकत्वनी निर्ममपणे चाडी खातुं हशे.. 
-नरेश के.डॉडीया
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