Mari Sharam Ni Ankh Eni Jo Juke Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Mari Sharam Ni Ankh Eni Jo Juke Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Mari Sharam Ni Ankh Eni Jo Juke Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
मारी शरमनी आख एनी जो जुके छे
संवेदनां नाजुक बनी अक्षरो घूटे छे

जे राह पर ए चालवानी होय छे त्यारे
ए राह एना पगनी पानीने चुमे छे

फूलो सरीखी वात लइने रोज आवे
एना विचारे रोज सपनाओ उगे छे

परवा हवे करतो नथी कोइनी पण हुं
चोरी छुपीथी शब्द मारा ए चूने छे

यायावरी पंखी बनी जो कलरवे तो?
वातावरण पण चोतर टहुका गणे छे

मारी तरफ एनो गजबनो भाव आवे
एनी तरसनो व्याप सरिता थइ झुमे छे

मे ज्यारथी एने गझलना शब्दोमां जोडी
मारी गझल लोको अहोभावे जुए छे

एनी रूपाळी मावजतनी वात पण केवी!
सौंदर्यनी देवीने मारा अक्षरो पूजे छे

जे रीतथी वरसाद साथे वीजळी होय
आंतरनो तारो नाद मारामां गुंजे छे

लोको “महोतरमाना” नामे ओळखे छे
परिचय थयो ए गर्वनो आदर मने छे
-नरेश के.डॉडीया    
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