Tamara Pratape Gazal Kavya Lakhto Thayo Chu Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Tamara Pratape Gazal Kavya Lakhto Thayo Chu Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Tamara Pratape Gazal Kavya Lakhto Thayo Chu Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
तमारा प्रतापे गझल काव्य लखतो थयो छु
ए रीते तमारा ह्रदयने हुं गमतो थयो छु

हती जिंदगी एकधारी अही साव कोरी
हवे लागणी भावमां हुं पलळतो थयो छुं

बधां आंसुओ दुखना होता नथी,सुख ना पण होय
घणी वार हसतां वदन जोइ रडतो थयो छुं

तमारी फिकर तो मने रोज करवी गमे छे
तमारा ह्रदय द्रारने अडतो हुं रस्तो थयो छुं

वळाको नदी जेम छे बेउनी जिंदगीमां
फरी मळवा काजे आ दरियो तरसतो थयो छे

तमारो नरम स्पर्श माण्या पछी जाण थइ के!
नजाकतने नवतर गणी हुं समजतो थयो छुं

तमारा हिसाबे बधा ओळखे छे अहींया
हुं तेथी ज लोकोनी नजरोमां चडतो थयो छुं

तमे जिंदगीमा छो मारी,ए अभिमान राखी
आं कोलरने उंचां करीने हुं फरतो थयो छुं

सितम पण तमारा गमे कायमी दिलने स्हेवां
छता गम तमारा खूशीमां पलटतो थयो छुं
-नरेश के.डॉडीया
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