Tara Vicharo Ae Maja Muki Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Tara Vicharo Ae Maja Muki Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Tara Vicharo Ae Maja Muki Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

तारा विचारोए हवे माजा मूकी छे

तेथी ज मारा शब्दने वांचा फूटी छे

तुं वांसळीना ख्यालमां राच्या करे छे
ने द्रारकामा चक्रधर केवो दूखी छे

तुं साचवीने राखजे समजण अनोखी
मारा बधी उर्मिनी तुं ताळा-कुची छे

दरबार आंखोमां भरायो छे विरहनो
फरियाद करती पापणॉ आखर झूकी छे

पाछोतरी यादोनी मौसम केम रोकुं?
स्पर्शी छे तुं ज्या,भेजवाळी ए भूमि छे

मारी कहानी तुं ने हुं बेथी पूरी थइ
तुं ने हुं वच्चे चोपडी आखी पूरी छे

कहेवाइ छे के मानवीनुं मन छे चंचळ
तो आंख सामे स्थिर थइने कां उभी छे?

कोइनाथी सचवाइ नां एवी छे तुं नार
तारा तरीका तोरनी वातो जुदी छे.

मे साचवी राख्यो छे छाती ए लगाडी
तारा विरहनी ए ज तो साची खूबी छे

संबधना नामे महोतरमां मळी गइ
ए पळथी मारा शब्दनी साची मुडी छे
-नरेश के.डॉडीया
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