Tu Mara Ma Vishwash Rakhi Jaat Sopi De Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Tu Mara Ma Vishwash Rakhi Jaat Sopi De Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Tu Mara Ma Vishwash Rakhi Jaat Sopi De Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
तुं मारामां जरा विश्वास राखी जात सोपी दे
ए रीते तुंय तारी जातने मारामां जोडी दे

थती रहे छे भूलोथी लइने नादानी धणी वखते
तो तारो अंश समजी आळने मुजमां झबोळी दे

नथी मळतां जगतमां बंध आंखे चाहनाराओ
तुं दर्पण जेम मुजने जोइ तारो भेद खोली दे

छे सहरानी तरस मारा नयनमां एक तारे काज
तुं तारा हाथथी छलछलती उर्मिओनी दोणी दे

हथेळी पर हु नकशो जगनो लइ शोधुं छुं तुं क्यां छे?
अचानक तुं मळीने क्यांकथी खुद मुजने शोधी दे

अमारा श्वास तो हरणा समां हाफे छे दी’ने रात
फूलो जेवां हुफाळा उरमां तुं मुजने परोवी दे

अमे दरियामाथी मोतीओ शोधीने करीए शुं?
खुदाने कहुं छुं तारा सम मजांनुं एक मोती दे

"महोतरमां" धणी जोइ छे सुंदर नार ताराथी
मने तो मात्र तने जोंउ एवी आंख नोखी दे
-नरेश के.डॉडीया

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