Tuj Vadan Per Aaj Kai Navi Khusali Jou Chu Gujarati Gazal By Nazir Dekhaiya

Tuj Vadan Per Aaj Kai Navi Khusali Jou Chu Gujarati Gazal By Nazir Dekhaiya
Tuj Vadan Per Aaj Kai Navi Khusali Jou Chu Gujarati Gazal By Nazir Dekhaiya
तुज वदन पर आज कंइ जुदी खुशाली जोउं छु
पुष्प करतां पण अधिक पुष्पोनी लाली जोउं छु

लागणीथी तुज ह्रदय-शीशाने खाली जोउं छुं;
त्याए तुज अश्रुं छलकती नैन-प्याली जोउं छुं

आप समजो छो के हुं जोउं छुं जुनां खंडेरने
किन्तुं हुं भूतकाळनी ज्होजलाली जोंउ छु

बेउ रीते हुं मजा माणी लउं छुं दर्शनी;
रूबरू होता नथी त्यारे खयाली जोउं छुं

केम नहि तो नित बहारो उपवने रहेती नथी
उपवनो बरबाद करवां चाल चाली जोउं छुं

काल बुलबुलना दिले जोइ खूशीनां रूपमां
पारघीना मुख पर ए लाली जोउं छुं

जोउं छुं नाझिर!न हुं बळता पंतगा जयोत पर
किन्तुं मारी आंखे मारी पायमाली जोउं छुं
- नाझिर देखैया
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