Udas Sanje Yaad Ni Vanzar Avi Jai Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Udas Sanje Yaad Ni Vanzar Avi Jai Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Udas Sanje Yaad Ni Vanzar Avi Jai Che Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

ऊदास सांजे यादनी वणजार आवी जाय छे 
आंखोमां त्यारे आंसुनो वरसाद आवी जाय छे

तरछोडवाने पामवानी पाछली घटनां सबब 
त्यां भर्तृहरिने पींगळानी वात आवी जाय छे

हुं आज लग जाणी शक्यो नहि शुं छे साचा प्रेममां 
सौना अनूभवमां अचानक "काश" आवी जाय छे

दुख आपवा ज्यां मानवी साथे खुदा जोडाई छे 
त्यारे सहनशकितनी साची जात आवी जाय छे

मारा जीवनमां एक जणनो अंश ए रीते भळ्यो 
लोकोनां मोढे जेम राधाने कान आवी जाय छे

मांगी नथी शक्तो खुदा पासे दुआ एवी हवे 
हुं हाथ फेलावुंने एनुं नाम आवी जाय छे

जेनां थकी पुष्कळ मळ्युं छे नाम मारा काव्यने 
त्यां एक नारीनो अनोखो प्यार आवी जाय छे

मारी गझल वांची महोतरमांनां केवा हाल छे 
साथे वितावेली पळॉ पर नाझ आवी जाय छे 
-नरेश के.डॉडीया

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