वो मेरे आसपास था, क्यूँ था Urdu Gazal By Dipti Mishra

वो मेरे आसपास था, क्यूँ था Urdu Gazal By Dipti Mishra
वो मेरे आसपास था, क्यूँ था Urdu Gazal By Dipti Mishra 
वो मेरे आसपास था, क्यूँ था

और बेहद उदास था, क्यूँ था

प्यास थी बेपनाह और मय थी
फिर भी ख़ाली गिलास था, क्यूँ था

ख़्वाब ताबीर होके आया था
और यह दिल उदास था, क्यूँ था

शोख रंगों का था जो दीवाना
आज सादा-लिबास था, क्यूँ था

वो उड़ाता था होश लोगों के
आज ख़ुद बदहवास था, क्यूँ था

यूँ तो रिश्ता कोई न था लेकिन
मेरी ख़ातिर वो ख़ास था, क्यूँ था 
-दीप्ति मिश्र
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