Aav Jaa Karti Tari aa Yaad Roki Na Saku Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Aav Jaa Karti Tari aa Yaad Roki Na Saku Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Aav Jaa Karti Tari aa Yaad Roki Na Saku Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia 
आव जा करती आ तारी याद रोकी ना शकुं
विश्वमा एवी सिमा रेखा हु दोरी ना शकुं

आ प्रसंगो केटलाये साचवी बेठो छुं हुं
आंख सामे आवता अमथो हुं चोकी ना शकुं

तुं भलामण शब्दनी लइने मने मळती हती
एटले हुं शब्द सामो एक बोली ना शकुं

एक क्यां जीजीविषा छे मानवीओनी अही
प्रेमना नामे कदी तने हुं टॉकी ना शकुं

एक दिलमा होय इच्छाओ हजारो जातनी
कामनाओ त्राजवे नाखी हुं जोखी ना शकुं

प्रेमने हदमां तमे बांधो नही जगमा कदी
कोइ पांबंधीनु हुं पाटीयु ठोकी नां शकुं

हस्तरेखा खेल केवा खेलवानी छे अहीं?
बंध बाजी त्यां सुधी हुं कोइ खोली ना शकुं

ओ!”महोतरमा”कलमने आपनी आदत पडी
ने गझलनी लत पडी छे तो हुं छोडी ना शकुं
-नरेश के.डॉडीया

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