Ante Have Sambandho Ma Thak Naam Ni Prakriya No Umero Thayo Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

Ante Have Sambandho Ma Thak Naam Ni Prakriya No Umero Thayo Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
Ante Have Sambandho Ma Thak Naam Ni Prakriya No Umero Thayo Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
अंते हवे संबधोमां थाक नामनी नवी प्रक्रियानो उमेरो थयो
जीवननां नवा पडावे….आवीने में थोडूं पाछळ जोयुं…

त्यारे एम लाग्युं,सामाजीक रसमोथी पर
एक नवा चीला पर चालवानी हिम्मत करूं
कैक एकधारी चाली जती जिंदगीमां
नवा रंग
नवा ताल
नवा वाधा
सजावुं….

सतत एकलता अने एक पात्रतानी
भीषणता कहे के मजबूरीमांथी बहार नीकळवानुं
एक बहानुं जोइतुं हतूं

अने ए बहाना नामनां चश्मानी आरपार
अचानक तुं नजरे चडी गयो…अने गमी गयो

आहा..अने वाह वाह…

जाणे हुं कोलेजनी मानूनी होंउ ए रीते
विचारोनां वृदांवनमां”राधीकागौरी”नी जेम विहरती हती..
अने तुं तो कानो ज हतो…
अने असंख्य गोपीओनो व्हालो हतो..

पण तुं मने एटले गमतो हतो के
मने तुं राधाना स्थाने बेसाडीने प्रेम करतो हतो
फर्क मात्र एटलो के
राधा मुरलीना ताले नाचती हती
अने हुं तारा शब्दोना ताले झुमती हती..

१/३ जिंदगी विती जाय पछी फरीथी दाखला नवो माडी ना शकाय
तोये नवो दाखलो मांडयो अने
फरीथी गणवा माडयो

शरूआतमां तो बधो ताळामेळ थतो हतो..
धीरे धीरे
तारी अने मारी गणतरीमां घणीवार भूलो थती हती
छता आपणे दुधियादावनी जेम दाखला गणवा लागता

ने एक दिवस अचानक,आपणुं प्रत्यक्ष मिलन थयुं

थोडुं एकांत,थोडॉ डर,थोडॉ उन्माद,कैक नवीनता
अने धडकता अने थरथरता ह्रदय वच्चे तने मळी

कविता-गझलनी भाषामां जे रीते मारूं वर्णन कर्युं हतुं
एवी भाषा हुं तारा स्वमुखे सांभळवा मांगती हती

थोडी मीठी वातो..थोडी आडीअवळी वातो पूरी थता
रोमांच नामना हरीहरनी बुम पडी

अने हुं पथारीमां आडी पडी….

हुं आंखो बंध करीने अंतरमां कशुं साचु के खोटुं
ए बधुं भूलीने तारा नजीकपणानी लाह्यमां
उमरनो अने शरमनो कचुकीबंध उतारी नाख्यो.

मारा शरीरनां एक एक अंगने काव्यो-गझलमां
शब्दोनां अलंकारोथी एक नवो निखार आप्यो हतो

ए बधुं हुं वांचेलुं एने तारा मुखेथी सांभळवा
मांगती हती….

एक पछी एक आवरणॉ उतरता गया…
ने पछी थोडीवारमां तारा आंलकरीक शब्दो
काव्यो-गझलो बधुं तुं भूलीने

मारा बे पग वच्चेनी दुनियामां खोवाय गयो
एवी दुनिया
ज्यां अनेक सल्तनत अने सत्ताओ धरावता
जुलियस सिझर नेपोलियन,सिंकदर,दरियावुश,हिटलर
जेवा महानायको खोवाया पछी मळ्या नथी

आखरे तुं पण माणस नीकळ्यो….
-नरेश के.डॉडीया
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