Je Sahajta Thi Male Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Je Sahajta Thi Male Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Je Sahajta Thi Male Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
जे सहजताथी मळे छे एमनी जेने कदर नथी
जींदगीमां एमने आंनंदनी पळ तरबतर नथी

मांगवाथी जे कदी मळतुं नथी,मळशे दुआ थकी
मांगणी एवी मुके के ज्या खुदानी पण नजर नथी

लागणीओना भरोसे प्रेमने रेढो मूकी दे जरा
कोइ लूंटी जाय तारा प्रेमने एवुं नगर नथी

कोइए कबजो जमाव्यो छे हदयमां कायमी पणे
मावजत पींछा समी आपु,छता एने खबर नथी

यादनी डाळे हुं वडवागोळ जेवो थइने लटकुं छुं
रात आखी जागवाथी ख्वाबनी कोइ असर नथी

आ “महोतरमाना” नामे ज्यारथी काव्यो गझल लख्यां
ते दिवसथी आ ह्रदयनी कोइ बीजामा सफर नथी
-नरेश के.डॉडीया
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