Naav Madhdariye Utari Che ame Tofan Ma Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Naav Madhdariye Utari Che ame Tofan Ma Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Naav Madhdariye Utari Che ame Tofan Ma Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
नाव मध-दरिये उतारी छे अमे तोफानमां
ने हवाने में कह्युं रहेवानुं तारे शानमां    

प्रेमनो आंरंभ सारो होय सौनो ते छतां               
अंत आवे त्यां सुधी नां होय कोइ भानमां      

प्रेमना नामे बरोबरनी गझल खीली हती
मे वसंतोनी बरोबर फेंट जाली तानमां

कीलकारी बाळकोनी ज्या सदा गुंज्यां करे
गोद "मा"नी होय तो बाळक रहे गुलतानमां

एक इश्वर छे अने बीजी तुं सामे उभी
बेउना पगमा नमी पडवानु मारे मानमां

ज्यां उभी छे राह मारी जोइ लाखो कामनां
एक तारी कामनामां जिंदगी छे बानमां

हुं सुफी जेवो बधाने केम लागुं छुं कहो?
एक तारा स्पर्शथी तबदील छुं लोबानमां

एक अवसर जेवुं झळहळ थइ गयुं मारूं जीवन
ज्या’महोतरमा मळी इश्वरना दीधा दानमां    
-नरेश के.डॉडीया

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