Sodhvathi Koi Jadtu Hoi To Su Joiye Gujarati Gazal By Naresh K. Ddodia

Sodhvathi Koi Jadtu Hoi To Su Joiye Gujarati Gazal By Naresh K. Ddodia
Sodhvathi Koi Jadtu Hoi To Su Joiye Gujarati Gazal By Naresh K. Ddodia
शोधवाथी कोइ जडतुं होय तो शुं जोईए?
मनमां हो ए दिलमां रमतुं होय तो शुं जोईए?

रोज मेळॉ आंखमां सपनाओनो लागी पडे;
ए हकीकतमां जो बनतुं होय तो शुं जोईए?

प्यार आपी प्यार पामो एटलो स्हेलुं नथी;
आंखनी भाषाने पढतुं होय तो शुं जोईए?

बोज एकलतानो कायम आपणे उचकी रह्या; 
कोइ आवी कांध धरतुं होय तो शुं जोईए?

जात,मोभो,पद भूलावीने नमुं हुं कायमी;
ए तरफथी कोइ नमतुं होय तो शुं जोईए?

ऋणनुं बंधन हशे त्यारे जे "महोतरमा" मळी!
ए ज जण सौने जो मळतुं होय तो शुं जोईए?
-नरेश के.डॉडीया
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