Vadvani Hoi Tyare Vaat Vadi Leje Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

Vadvani Hoi Tyare Vaat Vadi Leje Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
Vadvani Hoi Tyare Vaat Vadi Leje Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
वाळवानी होय त्यारे वातने वाळी लेजे
मौननो महिमा मजेथी दोस्त पाळी ले जे     

कोइना सुंदर चहेरा ताकवाथी शुं मळशे?
आंखने फावे नही त्याथी नजर खाळी लेजे

एक इच्छानुं वखतसर आववानुं शोभे छे
टेवना टाणा कटाणा जोइ संभाळी लेजे

तुं हजी शोधी रह्यो छे,आंखमां वळगण जेवुं?
ना मळे तो आंखने धीरे रही ढाळी लेजे

हाथने क्यारेक एकलता नडी आवे त्यारे
कोइ बीजो हाथ जाली,स्हेज पंपाळी लेजे

ए सुंगंधी फूल छळनी मोहमायाथी पर छे
सुंघवानो मोह छॉडी रंगने भाळी लेजे

एक इच्छावन घटाओथी लची पडयुं छे ज्यां
फूल जेवी रोज मावजत आपती डाळी लेजे

ए महोतरमानी यादो खळभळावे एकांत         
यादने अवसर बनावी जात अजवाळी लेजे
-नरेश के.डॉडीया
Advertisement