तुं अने हुं ज्यारे मळीए छीए त्यारे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

तुं अने हुं ज्यारे मळीए छीए त्यारे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
तुं अने हुं ज्यारे मळीए छीए त्यारे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
तुं अने हुं ज्यारे मळीए छीए त्यारे
जेम कोइ दरिया किनारे बे नाना बाळको
पोतानी रमतमां मशगुल थइ जाय छे,

ए रीते आपणे एक बीजामां मशगुल थइ छीए
अने छुटा पडती वखते आपणी हालत एवी होय छे

जेम शेरीमां रमता एक बीजामां मशुगुल बे बाळकोने 
एमनी माता आवीने एने बळजबरीथी पकडीने 
धर तरफ दोरी जाय छे

त्यारे जे रीते बंने बाळकोनां चहेरे ग्लानी
अने रमत अधुरी रह्यानो जे विषाद होय छे
एवो ज भाव आपणा बंनेने चहेरा पर होय छे
-नरेश के.डॉडीया
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