हा..तुं रूबरू नहोती मळी त्यां सुधीनी वातो बरोबर हती…Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

हा..तुं रूबरू नहोती मळी त्यां सुधीनी वातो बरोबर हती…Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
हा..तुं रूबरू नहोती मळी त्यां सुधीनी वातो बरोबर हती…Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
महोतरमां प्रेमनी कल्पना अने वास्तविकतानो
भेद कवि तरीके तने कंइ रीते समजावुं बोलो!?

हा..तुं रूबरू नहोती मळी त्यां सुधीनी वातो
बरोबर हती….

एक भावकनी जेम तारी आरधना करी..
तने देवी बनावी मानविय परिकल्पनाना
परीघ अने आभथी आगळ पहोचाडी..

तारा सौंदर्यना झराने अस्ख्लित पणे
कागळ पर रेलावतो रह्यो.

तारा पगनी पानीथी लइने तारा भाल
परनी बिंदीयाने दोम दोम साह्यबी बक्षती
मारी गझलोनी घमधोकार पेशकश…

जाणे तारो गोरो रंग दुनियानी बधी स्त्रीओथी
वधुं पडतो निखरतो होय
तने ए सदा महेसुस करावतो रह्यो

जाणे कलयुगमां में कोइ देवी,के कोइ अप्सरा
जोइ ए रीते मारी गझलो अने कविताओमां
तारा यशोगान गातो रह्यो..

क्यारेक तने फुलो साथे सरखावी-
तुलिपथी लइने गुलाबोमां ढाळीने
तारी जातने बाग बाग करी दीधी.

“खूबसूरती”शब्द जाणे तारा माटे वामणॉ
होय ए रीते तने”महान सौंदर्यकारा” बनावी
काव्योमां उतारी…तने मोहांध करी दीधी..

आ कवि नामनो जीवडो बहुं चालाक छे बच्चा!
स्त्रीना ह्रदय अने आत्मानां गलीए गलीओनो
भोमियो छे….

नशोमां जाणे पोतानुं साम्राजय होय ए रीते
फरतो होय छे…..उन्मादी जीव बनीने..

पण एनो मतलब ए नथी के
एनी चाहतमां कोइ खोट के कसर छे…

पोतानी कलाने समृध्ध बनाववा एने
चाहत,हुंफ,लागणी,पोतिकापणुं,
एने समजनार व्यकितीनी जरूर पडे छे.
अने आखरे कवि के कलाकार माणस छे.

पण ज्यारे आपणे बे रूबरूमां एकान्तमां
मळ्या त्यारे….अने ज्यारे ज्यारे आपणे
मळ्या त्यारे……याद कर महोतरमा.!!?

उपर में जे कंइ लख्युं छे,
मारी गझल के कविता याद करवानी जरूर पडी?

एक पण शब्दोनी आप-ले कर्यां विनां
फकत तारी आंखो ए मारी साथे खानगी
गुफतुंगुं शुं करी अने……..तुं….

मारा आंलिगनमां जेम गोखमां कबुतर भराइ जाय
ए रीते समाइ गइ…

अने त्यारे मारी आंखोमां कशी ज कल्पनां नहोती
मात्र अने मात्र..हक्कीत हती जे हती….

ए मात्र अने मात्र अने तुं 
अने मारी आसपास उछळतो तारी सुगंधनो दरियो 

कदाच..बे चाहीता पात्रोनुं मिलन अने
ए मिलन थकी रचातां संबधो थकी
एक बीजाने सतत गमता रहेवानुं
माध्यम छे "प्रेम" 

प्रेम…आ कदाच आ बाबतमां मध्यस्थ थवानो
अधिकार धरावे छे..

पण,तने मळ्या पछी लाग्युं के
प्लेटोनिक लव,आत्मिय लव करनारा
एक तरफी प्रेम करनारा..आ बधा मने.

राजकारणीओमां असुंष्ठोनी लोबी होय
एवा लागे छे….

अथवा

जरूर ए साचा अर्थमां संत होवा जोइए..
-नरेश के. डॉडीया
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