Khud Ne Sabit Karvu Pade Che Quote By Naresh K. Dodia

Khud Ne Sabit Karvu Pade Che Quote By Naresh K. Dodia
Khud Ne Sabit Karvu Pade Che Quote By Naresh K. Dodia 
माणसने जीवनमां मोटे भागे घणा खरा क्षेत्रोमां खुदने साबित करवुं पडतुं होय छे,ज्यारे लोकप्रियतां एक ज एवी बाबत छे जेमां खुदने नही तमारा भावको,चाहको अने मित्रो पर निर्भर रहे छे...लोकप्रियतांनो मापदंड हवे बदलाता प्लेटफोर्म साथे बदलाइ रह्यो छे.पहेलां कोइ पण लेखक,कलाकार के कविने जाहेरक्षेत्रमां लोको सामे आववानो मोको बहुं नहोतो मळतो.हवे बदलाता प्लेटफोर्मनां कारणे लोकोने तमारी साथेनो संपर्क मोबाइलनां कीपेड पर आवी गयो छु..

हालनी लोकप्रियतानो आधार मात्र तमारी कला पूरतो सिमित रह्यो नथी..हवे माणसनी लोकप्रियतांनो आधार एनां वाणी,वर्तन,स्वभाव अने लोको साथे केटलो मळतावडॉ अभिगम छे एनां पर निर्भर रहे छे..एनुं उदाहरण तमे फेसबुकमां जोइ शको छो..जेमां सिने कलाकारोने बाद करतां मोटा भागनां लेखको,कविओ अने कलाकारोनी कला एकदम समृध्ध अने टकोराबंध होय ते छतां एने फेसबुकमां एने जोइए एवो प्रतिसाद मळतो नथी..

फेसबुकमां बे प्रकारनी सेलिब्रीटी जोवां मळे छे..एक एवी सेलिब्रीटी छे,जेने पोते सेलिब्रीटी छे,एवुं देखाडवां वारम वार अवनवां गतकडा पोस्टमां अजमाववं पडे छे..मोटे भागे मे मार्क कर्युं छे के फेसबुकनां मित्रो तमारी आवी गतकडा जेवी पोस्ट वांचीने तमने एनां मित्र वर्तुळमां मजाकनुं पात्र बनावे छे...

बीजी सेलिब्रीटी एवी छे.जेने पोते सेलिब्रीटी छे ए साबित करवुं पडतुं नथी,अने आ प्रकारनां लोकप्रिय माणसोनी पोस्ट मोटे भागे एनी कला आधारीत ज होय छे..एनी वोल उपर गतकडा पोस्ट जोवा मळती नथी.

अहीं सामान्य माणस पण फेसबुक युझर बन्या पछी चार पांच महिनामां आ बंने प्रकारनो सेलिब्रीटीनो फर्क समजी जाय छे..नाम अने काम वच्चेनो भेद थोडा महिनामां ज जाणी जाय छे,परिणामे नामधारी व्यकितनी पोस्टने जोइए एवो प्रतिसाद मळतो नथी...

आपणे बधा कहीए छीए के लाइक्स,कोमेन्टनुं बहुं झाझुं महत्व नथी,पण धीरे धीरे आ वात आपणां मगजमांथी दूर करवी पडशे...तमारा चाहको एक समुह एवो पण छे,जे लोकप्रियतानो अंदाज लाइक्स कोमेन्ट परथी काढे छे..

हा..आमा एवी व्यकितने बाद करवी पडे,जे फेसबुक नहोतुं त्यारे पण लोको वच्चे एटला ज लोकप्रिय हतां अने आजे पण एटला ज लोकप्रिय छे..टुकमां जेने आ वात लागु पडे छे,एवी व्यकित आ वात ध्यानमां लेवी जोइए..

खास वात..फेसबुकमां आवतां मोटा भागनी सेलिब्रीटीए एक वात खास ध्यानमां लेवी पडशे...फेसबुकनां मित्रोने चाहको नही पण मित्र गणवां पडशे..अने चोक्क्स ए प्रकारनो अभिगम अपनावे तो लोकप्रियतानो आंक झळहळतामां वधारो करशे..
-नरेश के.डॉडीया            
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