प्रेम तो मात्र अने मात्र दिलथी ज थइ शके छे. Quote By Naresh K. Dodia

प्रेम तो मात्र अने मात्र दिलथी ज थइ शके छे. Quote By Naresh K. Dodia
प्रेम तो मात्र अने मात्र दिलथी ज थइ शके छे. Quote By Naresh K. Dodia
घणा बधां एवा काम छे जे एक बीजानी मदद वडे आपणे पार पाडीए छीए...एक मात्र प्रेम एवी वस्तुं छे,जेनां माटे आपणी पासे मात्र एक ज व्यकितना आशरे रहेवुं पडे छे..कदाच सामे पात्रोनो भरपूर अवकाश होवा छता पण एक ज व्यकित माटे विचाराधीन रहेवुं पडे छे.जेनी विचार मात्रथी के संवाद मात्रथी दिलनी धडकन तेज थइ जाय छे अने चहेरा पर स्मित लावी दे छे...हाथथी कविता गझल लखी शको छो पण प्रेम तो मात्र अने मात्र दिलथी ज थइ शके छे..
-नरेश के.डॉडीया
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