रात साथे रोशनीने जेम सगपण होय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

रात साथे रोशनीने जेम सगपण होय छे  Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
रात साथे रोशनीने जेम सगपण होय छे  Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
रात साथे रोशनीने जेम सगपण होय छे 
एम मारी आखमां रोशन थतुं जण होय छे

नाम मारूं सांभळीने कान सरवा थाय छे
एमना दिलमा रहुं छुं ए ज कारण होय छे

आम तो एनुं मने मळवुं नथी आसान तोय  
ए ज माणसनुं जीवनमा केम वळगण होय छे?

साथ एनो कायमीना धोरणे मळतो नथी
खानगी सहवाश माटे अन्य तारण होय छे 

खालिपाने एक आंगणथी धरोबो केम होय?     
खालिपाने कोइ गमतुं एक आंगण होय छे.   

कोइ कारणवश हुं सामे एमनी जातो नथी 
स्मित च्हेरे राखवा कायम मथामण होय छे           

दर्द जेवुं होय तो एनी दवा पण थइ शके
प्रेमना आ दर्दनां क्यां कोइ मारण होय छे?

ए "महोतरमांने" सतत चाही जवानुं एटले         
आंखमां रणने ह्रदयमां एक श्रावण होय छे        
-नरेश के.डॉडीया
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