तो अने त्यारे ज गझलो सर्जाय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

 तो अने त्यारे ज गझलो सर्जाय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
 तो अने त्यारे ज गझलो सर्जाय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
तो अने त्यारे ज गझलो सर्जाय छे
दर्द ज्यारे मौन साथे अथडाय छे

हुं हकीमोनी सलाहो लेतो नथी
दर्द भाळीने दवा पण गभराय छे

साव अंगत होय छे एनी डायरी
पानेपाने नाम मारूं पडघाय छे

स्वादमां कडवाश आवे तो थूकीए
प्रेमनी मीठाश पण क्यां ममळाय छे?

माणवानी होय माफकसर क्षण बधी
रोज मळवाथी दूरी पण लंबाय छे

खोळियामां खालिपो कायम खळभळे
एक माणसनी कमी ज्यां वर्ताय छे

मापसरनुं स्मित कायम राखी फरूं
आ ज रीते दर्दनुं मारण थाय छे

एक पडछायो भरी पीधो रातमां
घेन आजीवन नयनमां धोळाय छे

पर्ण,पंखी,फळ,फूलो साथे जोइए
तो ज टहुकानी रसम नीभावाय छे

एटले तो आ गझल चीतरवी पडी
तुं गझलमां कोइने क्या देखाय छे?
-नरेश के.डॉडीया
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