हुं मारा मौनने ढांकी नही राखुं Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

हुं मारा मौनने ढांकी नही राखुं Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
हुं मारा मौनने ढांकी नही राखुं Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
हुं मारा मौनने ढांकी नही राखुं
ञझलना शब्द वैरागी नही राखुं

हमेशां एक मतलब प्रेममां शोधे
सतत तारी नजर सांखी नही राखुं

तुं तारण शोधजे तारा य वर्तननुं
थशे जो भूल,तो माफी नहीं राखुं

हमेशां भाव इच्छे एक-तरफी तुं
तने पण हुं सतत ताकी नही राखुं

मने फावे नही ए वात ना करजे
जो करशे तो समजदारी नही राखुं

भले शबरीए एठा बोर चाख्याता
सबरना बोर हुं चाखी नही राखुं

फिकर तारी सतत करतो रहुं साचुं
विचारोथी तने आधी नही राखुं

अहींया भलभली ठेबे चडी गइ छे 
मुसीबत हो के तुं,बांधी नही राखुं

"महोतरमां" छे तो रोनक छे आ दिलमां
समज चाहतनी हुं आछी नही राखुं
-नरेश के.डॉडीया
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