मारी ज नाकामी उपर हसतो हतो कोण मानशे? Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

मारी ज नाकामी उपर हसतो हतो कोण मानशे? Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
मारी ज नाकामी उपर हसतो हतो कोण मानशे? Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
मारी ज नाकामी उपर हसतो हतो कोण मानशे?
ने नाम मोटुं लइ सदा फरतो हतो कोण मानशे?

जेना मुखेथी वाह सांभळवा तडपतो रह्यो सदा
ए मानवीने रोज हूं भजतो हतो कोण मानशे?

फूलो बगीचानी वात में मारी गझलमां लखी सदा
हुं पानखरना गाममां वसतो हतो कोण मानशे?

जे भर-बजारे धोम तडके नीकळी शोधवा मने?
हुं नाम झाकळ जेमनुं लखतो हतो कोण मानशे?

ज्यांज्या गयो त्यां मे वसंतोना काव्य गाया हता सदा
एना विरहनी आगमां जलतो हतो कोण मानशे?

फूलो समो देखाव हुं करतो रह्यो जिंदगी पूरी
हुं भग्नदिलथी शायरी करतो हतो कोण मानशे?

आप्युं नही एने कदी पण स्थान मनगमतुं कायमी 
तोये "महोतरमाने" हुं गमतो हतो कोण मानशे 
-नरेश के.डॉडीया
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