प्रकृतिदत्त झंखनाओ ज्यारे ज्यारे मारी आसपास गुंजे छे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

प्रकृतिदत्त झंखनाओ ज्यारे ज्यारे मारी आसपास गुंजे छे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
प्रकृतिदत्त झंखनाओ ज्यारे ज्यारे मारी आसपास गुंजे छे Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
प्रकृतिदत्त झंखनाओ ज्यारे ज्यारे मारी आसपास गुंजे छे
त्यारे बस तारी रंगबेरंगी साडीओ पहेरेली अलग-अलग
छबीओ नजर सामे स्लाइड शो नी जेम आव्या राखे छे

अत्यार सुधी ज्यां सहेरानी असह्य गरमी अने रेतीओना
वंटॉळ उठता हतां,एवा रण जेवा सुका मारा मनप्रदेशमां
तारा नामनी वंसत अने तारी लीलीछंम लागणीनुं
उपवन बनी गयुं छे

तुं मारी सामे रूबरू होय के माराथी दुर वसेली होय तो पण
कदी तुं माराथी दुर जइ शकी छे.?हवे मने एवुं लागे छे के तुं
साचे-साच माराथी दुर जवा मांगती नथी.कारणके तारा ए
रहस्यमय स्मितनुं हुं रहस्य पामी गयो छे,साचे मोहतरमां!

व्हाली,आ रहस्य पण गेबी अने चमत्कारी जेवुं मने लागे छे
कारणके घणी वार आ रहस्य हुं एकांतमां मंमळावतो होंउ छुं
त्यारे अचानक मारा चहेरे रहस्य साथे संवाद अने संववन
करतु हास्य जाणे तारी आगोशमां लपेटाइने बहार आवे छे

मारी आसपासनो माहोल अचानक गुलाबी-गुलाबी बनी जाय छे
जाणे तारा फोटामांथी बधी साडीओ अत्तरमां झबोडीने लहेराती
होय अने हुं कोइ अलौकिक दुनियामां तारी साथे होय एवुं लागे छे

एवो ज कंइक माहोल हुं ताराथी दुर रहीने अनुभवतो हतो
तुं नाहीने ज्यारे जयारे बहार नीकळती त्यारे धाटा वाळमाथी
आवती भीनी खुश्बुंनुं साम्राज्य मारी सामे तादश रजु थयुं होय

मने याद आव्युं के सांजनो समय छे तुं नाहीने बहार नीकळी हशे
में तने फोन कर्यो अने बे वार रींग पुरी थइ गइ ते उपाडयो नही
थोडी वार पछी तारो सामेथी फोन आव्यो,मारो मोबाइलनो
वाइब्रेसन मोड पण तारा उन्मादथी बाकात न रह्यो अने
जाणे वधुं पडतो उछाळा मारतो हतो,बिलकुल मारी जेम !!!

फोन उपाडयो अने तुं मने सांभळे ए पहेला ज कहेवा लागी
“न्हावा जाउ त्यारे पण तने शांति होती नथी,बे मिनिट माटे
ताराथी दुर रहेवा देतो नथी,खबर छे के आ समये न्हावा जाउं छुं”

पछी तुं बोली के सामे बेड पर एकी साथे तारी बधी गमती साडी
गोठवेली पडी छे,नक्की नथी करी शकती के कंई पहेरुं अने कंई साडी
ना पहेरुं?

बोल तुं जल्दी!कई पहेरुं तुं आवे ए पहेला तैयार थइ जांउ!

अचानक कोम्पयुटर स्क्रिन सेवर पर तारा फोटानी स्लाइड आववानी शरू
थइ गइ अने एक पछी एक तारा फोटा जोवा लाग्यो अने सामे फोनमां
तारुं हलो हलो संभळातुं हतुं,अने में तने अचानक ज्वाब आप्यो.

पर्पल!मारी फेवरीट.

ते कह्युं मने खबर ज हती,ए ज साडी मारा हाथमां छे…
-नरेश के.डॉडीया
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