एना मौनने समजवुं आटला वरसे मारा माटे अधरू छे Gujrati Kavita By Naresh K. Dodia

एना मौनने समजवुं आटला वरसे मारा माटे अधरू छे  Gujrati Kavita By Naresh K. Dodia
एना मौनने समजवुं आटला वरसे मारा माटे अधरू छे  Gujrati Kavita By Naresh K. Dodia      
एना मौनने समजवुं आटला वरसे मारा माटे अधरू छे        
छतां पण एनां शब्दो वांचीने
ए मने कही शकती नथी
एने वांचवानी अने समजवानी लगातार कोशिश करू छु.
समजाय तो ठीक छे,पण हवे हुं एनी पासे पहेला जेम 
चोखवट करावतो नथी           

आटलां वरसोनां शब्दोनां सहवाशमां में तो खुब लख्यु
फकत अने फकत एनां माटे ज लख्यु अने हजुं लखुं छुं

एक समये अमे बंने गळाडुब प्रेममां हतां
धीरे धीरे अमे बंने समयनां घसमसतां प्रवाहोनी
थपाटॉ खाइने अलग अलग किनारे पहोची गया                      
                                                         
क्यारेक क्यारेक ए एकली पडे छे त्यारे मने 
ए खुब याद करती होय छे ए हुं जाणुं छु..
हवे ए मारा जुना साचवेला एनी पसंदगीनां
इमेइल मने रीसेन्ड करे छे अने कहे छे 
हुं आजे फ्री हती तो तारा जुना इमेइल वांचती हती            
मने खबर छे..माणस गमे तेटलो काममां मशगुल रहेतो होय 
पण नवराशनां समयमां एनां "कम्फर्टझोन"मां पहोची जाय छे                        

कारणके साचो प्रेम एवी बला छे जे एकवार 
जेनी साथे थाय छे,एनी साथे ब्रेकअप थाय तो 
पण फरी वार एनी ज साथे थाय छे..
                
एने प्रेम विशे खुब लख्यु अने में पण प्रेम विशे खुब लख्यु
आटलां वरसो पछी एक वात मने चोक्क्स समजमां आवी के

अमे बंने ए प्रेम विशे जे कंइ लख्यु छे
एवो प्रेम कदी एने कर्यो नथी अने
ना तो हुं मे लख्यु छे एवो प्रेम करी शक्यो छु

हा...आजे अमे पहेलां जेवां गळाडुब प्रेममां नथी पण 
एक बीजानां प्रेममां आजे पण अटवायेला छीए
मौननी एक ज खीटीमां टांगेलां बे कपडा जेवां
- नरेश के. डॉडीया   
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