तूटी गयेला श्वासने सांधो हवे Muktak By Naresh K. Dodia

तूटी गयेला श्वासने सांधो हवे Muktak By Naresh K. Dodia
तूटी गयेला श्वासने सांधो हवे Muktak By Naresh K. Dodia
तूटी गयेला श्वासने सांधो हवे
ए सोइ दोरा क्यांकथी लावो हवे
पंखी बरफनुं तुं,हुं ऊनाळा समो
उष्मानी संज्ञा आज बदलावो हवे
-नरेश के.डॉडीया
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