पोतानी प्रिय व्यकित करतां एनो अहम केम आटलो व्हालो हशे..? Quote By Naresh K. Dodia

पोतानी प्रिय व्यकित करतां एनो अहम केम आटलो व्हालो हशे..?  Quote By Naresh K. Dodia
पोतानी प्रिय व्यकित करतां एनो अहम केम आटलो व्हालो हशे..?  Quote By Naresh K. Dodia
हुं कोइ काउन्सीलर के सलाहकार नथी.छतां धणा मित्रोने कंइक प्रोब्लेम अथवां मित्र के अन्य नजीकनां पात्र साथे कोइ खटराग मतभेद जेवुं थाय त्यारे मने पुछे के तमारी सलाह शुं छे...मारे शुं करवुं जोइए..एमां स्त्रीओथी लइने पुरुषो सुधीनां बधां मित्रो आवी जाय छे... 
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घणा मित्रोनी तकलीफ जोइए तो त्यारे एक वात चोक्कस समजाय छे के,उपर छल्ला जे हसतां संबंधो देखाइ छे हक्कीतमां एटलां खूश्नुमां के रळीयामणा होता नथी..सालुं त्यारे लागे क्यारेक सौथी अधरूं काम संबंध साचवानुं छे..एवा लोकोने पोतानां नजीकनां पात्र साथेनां संबंधने लीधे डीस्टर्ब थतां जोया छे...जे लोकोनी गणनां एक समजदार अने ठरेल माणसमां थती होय छे..
हक्कीतमां आ बधुं जोता एक वात चोक्कस छे.सोशियल मिडीयाने कारणे मोटे भागे आवी नाना मनदुख अने मतभेद पाछळ "जोयानुं दुख होय छे".एमां पछी फेसबुकनी पोस्ट होय के वोटसएप,फेसबुकनां लास्ट सिन जेवी बाबतो पण आमां आवी जाय छे.
अमदावादमां मारूं एक युगल मित्र छे.पति-पत्नी बंने मारा सारा मित्र छे.ए बंने वच्चे साव नानी एवी बाबतमां तुं तुं मेमे थइ गइ.पत्नीए एनां वोटसएपमां पोतानुं लास्टसिन हाइड राख्यो अने भाइने ए ना गम्यु.ए भाइए पत्नीने कह्युं तारे आवुं करवानुं शुं जरूर छे.तुं कोइ मोटी ओफिसर छे के सेलिब्रीटी छे के तने लोको ओनलाइन जोइने मेसेज करवानां छे..पेली पत्नीए जवाब आप्यो के तमारे मारा लास्टसिन साथे शुं लेवादेवा..तमे मने गमे त्यारे फोन करी शको छो..
आवुं एक मित्र युगल छे,हमेशां एनी प्रोफाइलमां बंनेनां एकदम खूश अने हसतां होय एवा फोटॉ होय छे...आ बंने हसतां रहेतां पति अने पत्नी अठवाडीयामां बे चार दिवस नानी नानी बाबतमां झघडा ना करे तो ए बंनेने चेन पडतुं नथी.घणी वार वहेली सवारमां चडभड थइ होय तो पति साहेब चा पीधा विनां एनी ओफिसे जवां नीकळी जाय छे..
घणा लोकोनुं एवुं मानवुं छे के पति पत्नी झघडा होय तो ज प्रेम वधे..खरेखर एवुं मानीए तो मोटा भागनां पति-पत्नी वातो ओछी अने झघडा वधुं करे..अमुक वार में जोयुं छे...पति होय के पत्नी बेमांथी मोटे भागे एक पात्र हमेशां नमतुं जोखवां तैयार होय छे...के व्हेवार सीधो अने सरळ चाले..पण मोटे भागे एक पात्र एवी वाइडीबजार होय छे..सामे वाळानी सरळता के नमतुं जोखवानी वात के झघडाने टुक पताववानी एनी पहेलने ध्यानमां लीधा पोतानो ज क्कको कुटया करे छे...क्यारेक विचार आवे के माणसने पोतानी प्रिय व्यकित करतां एनो अहम केम आटलो व्हालो हशे..? 
-नरेश के.डॉडीया
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