रात आखी जागवानी ने अजंपो सवारे सवारे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

रात आखी जागवानी ने अजंपो सवारे सवारे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
रात आखी जागवानी ने अजंपो सवारे सवारे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
रात आखी जागवानी ने अजंपो सवारे सवारे
मार यादोनो सतत खमतो रहुं छुं प्रहारे प्रहारे

एक-धारो प्रेम करवानी मजां शुं हु समजांवुं तमने    
शब्द साथे प्यार करवानी मजा छे वधारे वधारे        

आखथी आधे वसो छो ने संवाद शाधो नही तो
आंखमांथी दर्दनो दरियो रडे छे किनारे किनारे

आ ह्रदयना दर्दनो उपचार माटे नथी कोइ ओषड
अवनवा आपो छो केवा दर्द,ए पण प्रकारे प्रकारे                    

एक चातक जेम तरसुं छुं हुं तमारी मुलाकात माटे
एक’दी मळशुं ए आशामा जीवुं छुं सहारे सहारे

छे प्रहर आठोनी मस्ती नामथी आपना दिलमा मारा
आ गझल लखतो रहुं छुं आपनां बस इशारे इशारे

हुं खुदानी जेम एनुं नाम लइने फरूं छुं जगतमां
ने पुकारूं छुं तमोने हुं सुफी थइ मजारे मजारे

बस महोतरमां तमोए हद करी मौन धारण करीने             
शब्द मारो रोज पडघम जेम वागे नगारे नगारे                 
-नरेश के.डॉडीया

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