पांच आंकडानी पगारदार भारतीय नारी Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia

पांच आंकडानी पगारदार भारतीय नारी Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
पांच आंकडानी पगारदार भारतीय नारी Gujarati Kavita By Naresh K. Dodia
पांच आंकडानी पगारदार भारतीय नारी
वहेली सवारे पांच वाग्ये उठी जाय छे
उठीने भगवान याद कर्यां पहेला ए
…आखा दिवसमां जे कार्य करवाना छे ए याद करे छे

अचानक एने याद आवे छे
आजे कामवाळी नथी आववानी
वोंशीग मशीन खराब छे
गइ कालना कपडा धोवानां बाकी छे

छ वाग्या सुधीमां वासण अने कपडा
धोवानुं उतावळे आटोपी नाखे छे
परसेवाथी रेबझेब कपाळ लुछीने
विखरायेला वाळने रब्बरबेंडथी बांधे छे

सवारनी ताजी हवामां योगा अने हळवी कसरत करे छे
योगा-कसरत पुरी थतां एनां बाळकोने स्कुम माटे तैयार करे छे
बाळकोने फटाफट तैयार करीने रसोडा तरफ वळे छे
बाळको माटे नास्तो बनावीने लंचबोकस पेक करे छे

पोताना बाळकोने ए टु व्हिलर वाहनमां स्कुले मुकवा जाय छे
रस्तामां बच्चाओ एमनां माटे शुं लइ आववानुं मम्मीने कहे छे
ओफिसनां पेडींगवर्कथी चितिंत मम्मी बच्चानी वातोने मगजना
एक खुणे साचवीने मुकी दे छे

स्कुलथी पाछा आवीने घडीयाळमां जोयुं साडासातनो समय छे
पति,सासुं अने देवर माटे नास्तो बनाववा फरी रसोडामां जाय छे
घडीयाळमां समय जोता जोतां फटाफट टेबल पर नास्तो पिरसे छे
ए पण फटाफट पोतानो नास्तो पुरो करे छे,घडीयाल हसतां
मुखे एने आठ वाग्यानो समय बतावे छे
अने ए बाथरूम तरफ रवाना थाय छे

झटपट स्नानविधि पूरी करीने पोताना बेडरूमना वोर्डसामे गोठवाय जाय छे
ड्रेस अने साडीऑनी हारमाळा वच्चे शुं पहेरवुं ए विचारे चडे छे
आधुनिका देखावा माटे जिन्स अने टोप पर पंसदगी उतारे छे

कोलेजमां जेना रूपनी चर्चा थती ए रूपगर्विता,पोताना रूपने
अकबंध सचवायेलुं जोइने अरिसामां पोतानां प्रतिबिंब सामे
मस्तीथी आंख मिचकारे छे.अमस्तुं एनाथी हसाय जाय छे
एना मित्रनो एस एम एस याद आवी जाय छे.

एक हाथमां ब्रान्डेव वोच,बीजा हाथमां ट्रेंडी ब्रेसलेट
बंने आंखोमां काजलनी पतली लाइने खेंचे छे
होठो पर लाइट सेडनी लिपस्टिक लगाडे छे
इम्पोर्टेड परफ्युम छांटीने पगमा ब्रान्डेड चप्प्ल पहेरे छे

एनी पोतानी कारमां ओफिस जवा माटे नीकळे छे
घडीयालमा जोयुं तो सवारनां नव वाग्यानो समय छे
गुड मोर्निगनो राबेता मूजब गमतो एस एम एस आवे छे
साडानव वाग्ये ओफिस पहोंचे छे,
गइ कालना पेडींगवर्कने फटाफट पुरा करे छे
समय सवारनां अग्यार वाग्यानो धडीयाळ बतावे छे

ओफिसमां बोसनुं आगमन थयुं,
थोडी वारमां बोसनो बुलावो मेडमने आवे छे
नवाकाम माटे एना पर पंसदगी उतारे छे
कारण-ओफिसनी सिनियर अने जवाबदार व्यकित तरीके गणनां थती हती
कंपनीनी सौथी वधुं विश्वाशुं तरीके एनी छाप अकबंध हती

नवु काम हाथमां लइने पोतानी केबिनमां कोम्पयुटर सामे गोठवाय छे
ओफिसनुं काम,फेसबुक,मित्रोनां फोन,मेसेन्जर-आ बधाने पुरतो न्याय आपे छे
घडीयालमां समय बतावे छे बपोरनां एक वाग्याने त्रीस मिनिट .

मेंम टिफिनबोकस खोले छे,ओफिसनी अन्य छोकरीओ केबिनमां आवे छे
ओफिसमां लाडकु स्थान धरावतां,मेम साथे छोकरी जमता जमतां
हसी-मजाक अने सुख-दुखनी वातो करे छे,त्यारे आधुनिका जेवी
लागती मानूनीओमांथी मध्यमवर्गनी गृहिणीनी झांखी थती हती
एक अल्लड छोकरी जतां जतां कहेती गइ,”मेम,आजे मस्त लागो छोने कांइ.”
मेम मनमां मलकी गया,फरी पेला फ्रेन्डनो एस एम एस याद आवी गयो.

बे वाग्याने त्रीस मिनिटे बधा फरी पोतपोताना कामे वळगी जाय छे
वच्चे समय काढीने पोताना छोकराओ साथे वातो करी ले छे
वच्चे वच्चे खास मित्रो साथे चेट करी ले छे,
फेसबुकमां मित्रोनी पोस्ट पर कोमेन्ट मुके छे
बोसे सोपेलुं कामु पुरुं थतां बोसनी केबिन तरफ वळे छे

काम पुरुं थयानी जवाबदारी व्यवस्थित पुरी करी एनो संतोष
बोसनी केबिननी बहार नीकळती वखते चहेरा पर देखाय आवे छे
समय बतावे छे सांजना साडापांच वाग्यानो,
कोम्पयुटर ओफ करतां पहेला मित्रो पासेथी “हुं जांउ”नी मंजुरी मेळवे छे
मित्रोथी छुटा पडवानो रंज चहेरा पर स्पष्ट देखाइ आवे छे

ओफिसथी नीकळीने स्टेसनरीनी दुकानेथी बच्चानी बधी वस्तुंओ खरीदे छे
रस्तामां शाक मार्केटमांथी शाक-बकालुं खरीदे छे,अन्य परचुरण वस्तुं खरीदे छे
समय छे सांजनां छ वाग्यानो,फटाफट कपडा बदलीने जिममां जवा नीकळे छे
जिममांथी धरे आवे छे,घरनी धडीयाल थाकेली हालतमां सातनो समय बतावे छे

फरी कपडा बदलावीने ए रसोडा तरफ वळे छे,
घरनां बधाने भावती वानगी बनावे छे
बधी वानगीओ डाइनिंग टेबल पर गोठवे छे
बधाने जमाडीने ए जमवा बेसे छे
पण आ शुं!जे बधाने भावे छे ए वानगी मेमने नथी भावती
बे रोटली केरीनां छुंदा साथे खाइ ले छे

टेबल परनां बधा वासणॉ उपाडीने फटाफट साफ करी नांखे छे
एक खुणामां प्लास्टीकनां टबमां आजना उतारेला कपडा जुवे छे
कपडानो ढग जोइने एक उनो निसासो नांखे छे
वोंशींग मशीन खराब छे ए याद आवे छे

कपडा भरेलुं टब उठावी चोकडी तरफ वळे छे
चोकडीमां नदी काठे गामडानी स्त्रीनी याद अपावे ए रीते
कपडाने घोकाथी धोती हती,
पांच आंकडानी पगारदार एक गुजराती नारी

(नरेश के.डॉडीया)
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