खुमारीने विकटतानी वचाळे में टकावी छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia

खुमारीने विकटतानी वचाळे में टकावी छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia
खुमारीने विकटतानी वचाळे में टकावी छे Gujarati Muktak By Naresh K. Dodia    
खुमारीने विकटतानी वचाळे में टकावी छे     
सतत तोफान वच्चे नाव मधदरिये चलावी छे         
मने तो लीमडाना रोज दातणनी पडी आदत
भले क्षण होय कडवी तोय मस्तीथी मे चावी छे
- नरेश के. डॉडीया 
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