दरेक संबंधनी एक गरिमां होय छे..Gujarati Quote By Naresh K. Dodia

दरेक संबंधनी एक गरिमां होय छे..Gujarati Quote By Naresh K. Dodia
दरेक संबंधनी एक गरिमां होय छे..Gujarati Quote By Naresh K. Dodia
दरेक संबंधनी एक गरिमां होय छे...जे संबंध जींवंत होय,मृत थयेलो होय के स्थगित थयेलो होय...ज्यारे बंने पात्रो  संवादथी विमुख होय त्यारे जे ते समये बोलको अने प्रिय होय एवो ज संबंध एनी यादमां जाळवी राखवो जोइए..कारणके अमुक नजीकनां संबंधमां माणसने कोइने कोइ समये सामाजीक के पारिवारीक मजबूरी नडती होय छे..जो तमे एने नजीक व्यकित गणतां हो अने एनी मजबूरी ना समजी शकतां हो तो चोक्क्स तमे ए संबंधने लायक नथी..नजीकना संबंधो जेवां के प्रेम,मित्रता के कौटुंबिक के धंधाकीय होय.ज्यां मजबूरी होय त्यां माफ करवानी वृति होवी जरूरी छे,पण ज्यां जाणी जोइने तमारूं अहित इच्छतां होय एवां माणसने चोक्कस पाठ भणाववो पण जरूरी छे.कारणके तमारा पछी ए व्यकित बीजी व्यकितनुं अहित करवानो छे ए चोक्क्स छे..                               -नरेश के.डॉडीया
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