कभी वक़्त मिले तो Hindi Kavita By Naresh K. Dodia

कभी वक़्त मिले तो Hindi Kavita By Naresh K. Dodia
कभी वक़्त मिले तो Hindi Kavita By Naresh K. Dodia
कभी वक़्त मिले तो 
रात की स्याह तन्हाइयों में
आ जाना
अपने लफ़्ज़ों को ओढ़ कर
बरसों से मेरे बिस्तर की सिलवटों ने 
कोई शायरी नहीं पढ़ी
 !! नरेश के. डॉडीया

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