बरसो पूराना एक रीश्ता पल मे अफसाना हुआं Muktak By Naresh K. Dodia

बरसो पूराना एक रीश्ता पल मे अफसाना हुआं Muktak By Naresh K. Dodia
बरसो पूराना एक रीश्ता पल मे अफसाना हुआं Muktak By Naresh K. Dodia     
बरसो पूराना एक रीश्ता पल मे अफसाना हुआं      
जब उसने दरवाजे पे पूछा क्युं यहां आना हुआं?
शायर असुलो कों भूलाकर चाहतां थां शख्स को                        
उस शख्स की खातिर वो अपनो से बेगानां हुआं                
- नरेश के. डॉडीया  
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