तमारा दिलमां मारूं एक खातुं होय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia

तमारा दिलमां मारूं एक खातुं होय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
तमारा दिलमां मारूं एक खातुं होय छे Gujarati Gazal By Naresh K. Dodia
आ अमथुं हेत ज्यां उभराय जातुं होय छे 
ए पण बोले छे दिलमां कैक थातुं होय छे

आ होठो पर सुका शब्दोने अडकीलो तमे 
तमारा स्पर्शमा खूश्बूनुं भातुं होय छे

गुलाबी होवुं फूलोना इजाराओ नथी
तमारा दिलमां उपवन एक गातुं होय छे

हु उर्मिओने संधरतो नथी तेथी ज तो 
तमारा दिलमां मारूं एक खातुं होय छे

तमारी कामनाओने पूरी करतो रहुं
गझल लखवाने ब्हानुं रचातुं होय छे              

अमारी शायरीमां भाव नोखो होय छे
मुहोबतथी घणु आगळ लखातुं होय छे
                     
हुकमना आपवाना आदि छो कायम तमे
ए रीते कोइना प्यारा थवातुं होय छे   

"महोतरमांनी" चाहतमां लखाशे हजुं घणुं             
सरा जाहेर आ रीते मळातुं होय छे          
-नरेश के.डॉडीया      
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