बेंइंतिहा मुहोब्बत है तो है,मेरा दिल भी कहता है Hindi Kavita By Naresh K. Dodia

बेंइंतिहा मुहोब्बत है तो है,मेरा दिल भी कहता है Hindi Kavita By Naresh K. Dodia
बेंइंतिहा मुहोब्बत है तो है,मेरा दिल भी कहता है Hindi Kavita By Naresh K. Dodia
बेंइंतिहा मुहोब्बत है तो है,मेरा दिल भी कहता है
पहेले जो दरिया था,आज नदी के साथ बहता है
कभी जो एक ख्वाब था हमारी सोच के बहार था
आप को देख के ये ख्वाब मेरी आख़ो मे पलता है

तनहाइ से वास्ता सौतन-रकीब जैसा हो गया है
आप को साथ देख,दोनो का दिल बहुत दुखता है
आप से इश्क कया हुवा जैसे खुदा मिल गया है
तब से ये मिजाज सुफी बंदीसो मे रोज सजता है

दरिया चाहे कोइ भी हो,पार कर के जाना तो है!
गर किनारे पे तुं घर बना के इंतजार मे रहता है
जमाने की अब मत सोचो,कुछ मेरा ख्याल करो
दिन की रोशनी मे दिल चरागो की तरह जलता है

तेरे नाम की जरा सी आहट से अरमां मचलते है
मनचाहे गाने की तरह तेरा नाम कानो मे बजता है
सुना है महोतरमां इन दिनो मेरी गजले पढती है?
उन को भी मेरा रूहानी अंदाज बडा प्यारा लगता है

अदाकारी माइने हम अच्छी तरह से रास आने लगे
किरदार कोइ भी हो,अंदाज सिर्फ आप का जचता है
ख्वाहीसे सरेआम तेरे नाम से चारो दिशा मे फैली है
महोतरमा,तेरा वजुद मुजे हर गमो से दूर रखता है
- नरेश के.डॉडीया
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