तूटी फूटी उम्मीद पे इतबार है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

तूटी फूटी उम्मीद पे इतबार है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
तूटी फूटी उम्मीद पे इतबार है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
तूटी फूटी उम्मीद पे इतबार है   
जैसा भी है हम दोनो का ये प्यार है   

कयुं जिंदगी की राह पर मुझ को मिले           
थामा हे तेरा हाथ सब गूलजार है        

तेरी इनायत हर जगां मुझ को मिली      
मेरी खूशी तेरा दिया उपहार है

मुझसे जरां मिलने में संभाला करे     
लाख़ो हंसी मुझ पे यहां नीसार है        

जब तक मे तेरे साथ में चलतां रहां          
तेरा सलामत रहेनां जीवन सार है                   

लाखो दिवाने आप के होंगे यहां            
मुझ पे हीं कयुं आंखे तुम्हारी चार है?    

तेरे हीं ख्यालो में डूबां रहतां हुं मे  
सब को युं लगता हैं ये तो बीमार है     

मेरी महोतरमां को सब पढने लगे       
मेरी गजल लगतां है की अखबार है      
- नरेश के. डॉडीया 
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