तुम्हारी आंख से जल्वे चुराने है Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

तुम्हारी आंख से जल्वे चुराने है  Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
तुम्हारी आंख से जल्वे चुराने है  Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
तुम्हारी आंख से जल्वे चुराने है 
सुना हैं उस में गेबी कारखाने है 

हमे कुछ और भी सांसे तो लेने दो 
तुम्हारी आह के सैलाब आने है        

खुदाने बक्स दी जो शान ओ शौक़त 
ये जल्वे शायरी कर के दिखाने है 

हमे आदाब करती शायरा हस कें    
हमारी शाइरी के सब दिवाने है

परेंशा रात लगती है बिना तेरे      
तुम्हारे गम अकेले को उठाने है                         

अभी मे थक गया हुं सोचकर तुंम को     
ये रीश्ते दर्द के छूपे ठीकाने है                  

बदन की तेरी खुश्बुं को छुंआ तब से              
मेरी सांसो मे संदल के तराने है  

हमारी मोत पे अफसोस मत करनां        
हमारी सांस के पूर्जे सब पूराने है   

तुम्हे शामिल किया अलफाज में तब से      
महोतरमां ये शायर के जमाने है       
- नरेश के. ड़ॉडीया 
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