खिलोनो की तरह देरो-हरम बिखरे पडे है Hindi Muktak By Naresh K. Dodia

खिलोनो की तरह देरो-हरम बिखरे पडे है Hindi Muktak By Naresh K. Dodia
खिलोनो की तरह देरो-हरम बिखरे पडे है Hindi Muktak By Naresh K. Dodia
जो अंधेरे के डर से रात भर जलता नहीं है
वो सब बुड्ढे चरागे कां कही चर्चा नहीं है.
खिलोनो की तरह देरो-हरम बिखरे पडे है
वहीं पे कोई हसता खेलता बच्चा नहीं है
- नरेश के. डॉडीया 
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