पोपने मिलने से जो इनकार किया इस लिए मुक्षे हिंदुस्तान कां अपमान जैसा लगां Quote By Jawaharlal Nheru

पोपने मिलने से जो इनकार किया इस लिए मुक्षे हिंदुस्तान कां अपमान जैसा लगां Quote By Jawaharlal Nheru
पोपने मिलने से जो इनकार किया इस लिए मुक्षे हिंदुस्तान कां अपमान जैसा लगां Quote By Jawaharlal Nheru
तवारीख के पन्नो से Post No - 45

१९३१ दिसम्बर में गांधीजी जब हिंदुस्तान वापिस आ रहे थे तब पोपने गांधीजी को मिलने की मना कर दी थी..जब मैने यह सुना तो मुझे कितनां बुरा लगां था वो अभी तक याद है..पोपने मिलने से जो इनकार किया इस लिए मुक्षे हिंदुस्तान कां अपमान जैसा लगां.वो इनकार उस नें इरादे से किया होगां उस में कोइ संदेह की बात नही है,शायद उस में अपमान कां उदेश ना हो ऐसा भी हो शकतां है.केथोलिक संप्रदाय वाले अपनो से बहार वाले साधुं और महात्मा को स्वीकार नही करतें है,उस में किसी प्रोटेस्टंट पादरी साहब ने गांधीजी को बहुत बडा धार्मिक पुरुष और एक सच्चा इशाइ से नवाजा था इस  लिए इस को अधर्म समझ के पोपने गांधीजी कां सामने उसका विरोध जाहिर करना ज्यादा मुनासिब समझा होगा. 
(किताब-मेरी जीवन कथा..लेखक-जवाहरलाल नेहरु..पृष्ठ नं-५३८) 
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