कल रात आंखों मे तुम्हारा ख्वाब आया नही Hindi Gazal By Naresh K. Dodia

कल रात आंखों मे तुम्हारा ख्वाब आया नही  Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
कल रात आंखों मे तुम्हारा ख्वाब आया नही  Hindi Gazal By Naresh K. Dodia
कल रात आंखों मे तुम्हारा ख्वाब आया नही
बरसो पूराना एक हिस्सा काम आया नही

में देखतां थां आंख मे तसवीर मेरी कभी
लूंटी रीयासत कां वो फिर से ताज आया नही

बाजी हमारी जीत की वो हार के ले गयां
सच्चाइ ये हे उस के भी कुछ हाथ आया नही

दावा यकीनन इश्क पे तेरा कभी थां मेरा
में चाहता थां वो ही पैदान आया नही

मेरी नजर के सामनें हर वक्त तुं चाहिए
ये जिंदगी में आज तक आगाज आया नही

तु अजनबी जैसी लगी थी हाथ जब पकडा था
मेरी रगो उस वक्त क्युं सैलाब आया नही?

नाशाद होने की कभी नौबत ही आइ नही
जब से तुं गइ है दूसरां इंसान आया नही


मेरी महोतरमां से रीश्ता आज तक ना तूटां
मेरे अलावा कोइ उस को रास आया नही
– नरेश के. डॉडीया
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